डायरेक्ट सेलिंग की शुरुआत कब हुई?

दोस्तों दुनिया में जो भी चीज़ मौजूद उसका कुछ न कुछ इतिहास जरूर रहा हे, चाहे वो कोई कंपनी हो या कोई भी इंडस्ट्री सबका एक इतिहास होता हे. तो दोस्तों आज हम बात करने वाले हैं डायरेक्ट सेलिंग या नेटवर्क मार्केटिंग इडस्ट्री के इतिहास के बारे में. 

डायरेक्ट सेलिंग की शुरुआत कब हुई



दुनिया के अंडर ऐसे हजारो डायरेक्ट सेलिंग की कम्पनिया हे जो डायरेक्ट सेलिंग कर रही हे क्या आपको पता है की कोनसा सबसे पहला बंदा था जिसके दिमाग में ये डायरेक्ट सेलिंग का आईडिया आया होगा की हम अपने प्रोडक्ट को डायरेक्ट सेलिंग के द्वारा भी बेच सकते हे. तो चलिए में मेरे साथ आगे. 

दोस्तों डायरेक्ट सेलिंग का ये सफर सन 1886 में शुरू हुआ था AVON नाम की एक कंपनी से और इस कंपनी को शुरु करने वाली महिला का नाम था MRS. PFE ALBEE. इन्होने आपके करियर की सुरुवात घर, घर जाकर परफ्यूम बेच कर की थी. इससे उन्हें अच्छा खाशा मुनाफा भी हुआ था 

दोस्तों उसके बाद 1991 यूनाइटेड स्टेट ने the first direct selling association fund लागु कर दिया था जिसे बाद में the agent credit association बोला गया। फिर इमरजेंसी का ऐसा दौर आया की 1930 में लोगो को घरो के अंडर जाकर अपने प्रोडक्ट के बारे में बताने लगे और इस तरीके को part plan method के नाम से जाना गया. 

सन 1951 में Tupperware नाम की कंपनी की शुरुवात हुई. जो आज भी मार्किट में अपनी अच्छी पहचान बनाये हुए हे. Tupperware में सबसे पहले Retail and Party Plan Method द्द्वारा अपना बिज़नेस शुरू किया और इन्होने शुरुवाती दौर में ही बहुत कामयाबी मिली। और फिर Mary KAY ASH जिन्होंने अपनी पूरी ज़िंदगी सेविंग्स डायरेक्ट सेलिंग बिज़नेस में लगा दी और उन्हें बाद में अपार सफलता भी मिली। 

सन 1991 में दुनिया के अंडर इंटरनेट आ चूका था इंटरनेट आने के बाद आप सब जानते ही की कैसे दुनिया एक दूसरे से जुड़ चुकी थी. सन 1995 और 1996 में भारत में डायरेक्ट सेलिंग कंपनी अपनी एंट्री कर चुकी थी सबके पहले भारत के स्वीडन की एक कंपनी आयी उसी कंपनी के तरीके को फॉलो करके कुछ इंडियन डायरेक्ट सेलिंग कम्पनीज ने अपनी शुरुवात की. उसके बाद डायरेक्ट सेलिंग कंपनी को बहुत बुरा दौर देखना पड़ा क्युकी उस समय बहुत धोका धड़ी के काम किये जाने लगे थे जिसे GRAY MARKETING भी कहते है और भी भारत में IDSA यानि INDIA DIRECT SELLING ASSOCIATION का निर्माण हुआ IDSA का काम था की मार्किट में जो भी धोका धड़ी से डायरेक्ट सेलिंग कम्पनीज को चला रहा है उन पर ताला लगाया जाये। और इस दौरान 2003 से 2015 तक IDSA ने सरकार से जुगरीश की डायरेक्ट सेलिंग को लेके एक Regulatory Body तैयार की जाये ताकि जो लोग डायरेक्ट सेलिंग का बिज़नेस करना चाहते हे वो क़ानूनी तोर पर इस बिज़नेस को कर सके. 

सन 2015 में सरकार ने ये बताया की डायरेक्ट सेलिंग इंडस्ट्री ने अब तक 45 billion INR का बिज़नेस कर लिया हे और 2025 के आते आते ये इडस्ट्री 645 billion INR का बिज़नेस करेगी। 9 सितम्बर 2016 को सरकार ने डायरेक्ट सेलिंग को लेके नियम लागू कर दिए थे इन नियमो के तहत जो भी कम्पनिया गलत तरीके से उन्हें बंद किया जाये और जो कम्पनिया इन नियमो को मानती ही उन्हें और बढ़ावा दिया जाये. आज के समय में जो भी कंपनी डायरेक्ट सेलिंग कर रही हे उसके पास सरे सरकारी दतावेज और प्रमाण पत्र हैं. और अगर आप जानना चाहते है की आप जिस कंपनी के साथ आप बिज़नेस कर रहे हे वो लीगल हे या नहीं तो Direct Selling Registered Companies List in India 2019-2020 पे क्लिक करे. 

तो दोस्तों उम्मीद करता हु आपको मेरी ये पोस्ट पसंद आयी होगी। इसे अपने बिज़नेस पार्टनर और दोस्तों के के साथ शेयर कीजिये।

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